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शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

Full form of RAW in Hindi

 


RAW भारत की अंतरराष्ट्रीय गुप्तचर संस्था है। RAW को हिंदी में "रॉ" के नाम से पुकारा जाता है। 

RAW का फुल फॉर्म है- Research and Analysis Wing हिंदी में जिसे  "अनुसंधान एवं विश्लेषण संस्था" नाम से जाना जाता है।

RAW रॉ का ध्येय वाक्य क्या है ?-

रॉ का ध्येय वाक्य है - "धर्मो रक्षति रक्षितः"

धर्म की रक्षा करो। धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा।

यह वाक्य मनुस्मृति से लिया गया है।

RAW का काम पहले इन्टेलिजेनंस ब्यूरो IB यही काम करती थी लेकिन 1962 में भारत-चीन और फिर 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में वह ठीक से कार्य नहीं कर पाई तब तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरूजी ने अलग खुफिया विभाग बनाने का सुझाव दिया। 


                            रामेश्वर नाथ काव

सन् 1968 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस प्रयास को हकीकत में बदलने का काम किया। इन्टेलिजेनंस ब्यूरो के उप निदेशक श्री रामेश्वर नाथ काव ने एक विस्तृत रूपरेखा प्रधानमंत्री के समक्ष रखी। और  21 सितंबर 1968 को श्री काव को RAW का प्रथम निदेशक बनाया गया।

रॉ की अहम  खुफिया जानकारी  - 

सन् 1984 में पाकिस्तान ने सियाचिन क्षेत्र में साल्टोरो रिज पर कब्जा करने की योजना बनाई जिसे उसने नाम दिया "आपरेशन अबाबील"। लेकिन रॉ की गुप्त सूचना के सहारे भारतीय सेना सतर्क हो गई और भारत की सेना ने "ऑपरेशन मेघदूत" से पाकिस्तान को सियाचिन क्षेत्र से खदेड़ दिया।

रॉ का मुख्य कार्यालय कहां है ?

 रॉ का मुख्य कार्यालय दिल्ली में है।

 वर्तमान में रॉ के अध्यक्ष कौन हैं ?

  1 जुलाई 2025 से रॉ के अध्यक्ष पराग जैन हैं जो पंजाब केडर के 1989 बैच के आईपीएस ऑफिसर रह चुके हैं।

कुछ वर्षों पहले तक RAW में अधिकारियों का चुनाव सेना और आईपीएस अधिकारियों में से किया जाता था लेकिन अब कॉलेज व विश्वविद्यालयों से भी सीधे ही इनका सिलेक्शन करते हैं।

RAW का  सम्पूर्ण विभाग प्रधानमंत्री के अधीन होता है और RAW सीधे प्रधानमंत्री के प्रति जवाबदेह होता है।

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नोट : पुरानी और नई पोस्ट पढ़ना चाहे तो इस पोस्ट के अंत में जहां "मुखपृष्ट" लिखा है, उसके दोनों ओर बने तीर के चिह्न पर क्लिक करें।


मंगलवार, 1 जुलाई 2025

इरडा फुल फार्म IRDA Full Form

IRDA- Insurance Regulatory and Development Authority of India 

IRDA इरडा का हिंदी में विस्तृत नाम है- 

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण

इरडा, भारत में इंश्योरेंस यानि बीमा व्यवसाय से जुड़ी समस्त कंपनियों को संचालित एवं नियंत्रित करने के लिए बनाई गयी एक वैधानिक और स्वतन्त्र संस्था है।इरडा द्वारा बनाये गए नियम समस्त बीमा कंपनियों पर सामान रूप से लागू होते हैं। भारत में बीमा कंपनियों को इरडा के नियमों के अनुसार अपना व्यवसाय परिचालित करना अनिवार्य है।

निजी व सरकारी सभी बीमा कंपनियों के बीमा पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा करना, पॉलिसी धारकों के वास्तविक दावों का जल्द निपटान करवाना और दावों के निपटान प्रक्रिया में किसी प्रकार का गलत भुगतान होने से रोकना IRDA की स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य है।

इरडा का प्रधान कार्यालय हैदराबाद में स्थित है।

इरडा संस्था मल्होत्रा कमेटी की सिफारिश के आधार पर "भारतीय बीमा  नियामक एवं विकास प्राधिकरण एक्ट 1999" के अंतर्गत बनाई गई थी।

  

Full form of ICRA in Hindi

ICRA का फुल फॉर्म होता है - Information and Credit Rating Agency

हिंदी में इसे  निवेश सूचना एवं क्रेडिट रेटिंग एजेंसी कहा जाता है।

इसे  संक्षिप्त में "इक्रा" कहते हैं।
- ICRA एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है।
       
                            ICRA का लोगो
- इसकी स्थापना 1991 में की गई थी। तब इसका नाम Investment Information and Cred Rating Agency ( IICRA ) था।
बाद में कंपनी ने अपना नाम ICRA किया और अप्रैल 2007 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE में लिस्ट हुई।

ICRA के कार्य - 

इक्रा संस्था निवेशकों और ऋणदाताओं के लिए एक सलाहकार के रूप में सहायता करती है। इसकी दी गई रेटिंग के आधार पर किसी कंपनी या व्यापार, उद्योग में पैसा लगाने वाले व ऋणदाता किसी हद तक अपना फैसला लेते हैं।

मुख्यालय - गुरुग्राम

रजिस्टर्ड कार्यालय -  नई दिल्ली


ICRA के प्रमोटर एक अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग संस्था MOODY है और इसकी 50% से भी अधिक हिस्सेदारी Moody's Corp के पास है।
ICRA के एमडी और सीईओ श्री Ramnath Krishnan हैं।


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बुधवार, 7 मई 2025

SEBI full form in Hindi

SEBI - The Securities & Exchange Board of India
 SEBI का हिन्दी में पूरा नाम है - भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड.



SEBI के गठन का मुख्य उद्धेश्य :-

SEBI के गठन का मकसद क्रेडिट रेटिंग एजेंसयों जैसे क्रिसिल,इक्रा के लिए डिस्क्लोजर नियम तय करना, स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए नियम निर्धारित करना व इन कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों का ध्यान रखना है।भारतीय बाजार में निवेश करने हेतु एफआईआई( फॉरेन इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स ) या जिन्हें हिंदी में विदेशी संस्थागत निवेशक कहते हैं,को भी आरबीआई के पास रजिस्ट्रेशन करवाने के साथ-साथ सेबी में भी रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।

 सेबी संस्था का निर्माण वैसे तो 1988 में ही हो गया था लेकिन इसे वैधानिक मान्यता 12 अप्रैल 1992 को दी गयी थी।
 वर्त्तमान में दिनांक 02 मार्च 2025 से इसके चेयरमेन श्री तुहीन कांत पांडे हैं। 



सेबी का मुख्य कार्यालय मुम्बई में है। इसके अलावा सेबी के चार क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं:-
 1.उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय - नई दिल्ली.
2.पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय - कोलकाता.
3.दक्षिणी क्षेत्रीय कार्यालय - चेन्नई.
4.पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय - अहमदाबाद

 सेबी संस्था 9 सदस्यों द्वारा संचालित होती है। जिसमें एक चेयरमेन जो भारत सरकार द्वारा नामित किया जाता है और दो सदस्य भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधिकारी, एक सदस्य रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया से एवं 5 अन्य सदस्य जिनमें 2 अल्पकालिक और तीन पूर्णकालिक (whole time member) सदस्य भारत सरकार द्वारा नामित किये जाते हैं।

भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कोई भी कंपनी के विरुद्ध यदि आप कोई शिकायत करना चाहते हैं तो आप सेबी के टोल फ्री नं 1800 66 7575 या 1800 22 7575 पर सुुुबह 9 बजे से शाम 6 बजे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सेबी की https:// www.sebi.gov.in या https://investor.sebi.gov.in
या https://scores.gov.in पर भी शिकायत कर सकते हैं। SEBI सात दिन के अंदर आपकी शिकायतें संबंधित कंपनी को पहुंचा देती हैं।

Postal address of SEBI --


SEBI के मुख्यालय मुम्बई कार्यालय का पता है ~
सेबी भवन, प्लॉट संख्या C-7, "जी" ब्लॉक, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा (पूर्व ), मुम्बई 400051

SEBI का ईमेल पता - 

sebi@sebi.gov.in

स्टॉक ब्रोकर SEBI रजिस्टर्ड है या नहीं यह कैसे पता करें ?

- SEBI की वेबसाइट sebi.gov.in पर जाएं।
-वहां आपको बिलकुल नीचे बहुत  सारे ऑप्शंस में Recognised Intermediaries मिलेगा। उसे सेलेक्ट करें।
- नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर पता टाइप करें। Go पर क्लिक करें।
रिजल्ट में आपको आपके ब्रोकर का पूरा नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर,कॉन्टैक्ट डिटेल्स, मिल जाएंगे।
ब्रोकर द्वारा दी गई जानकारी से इसका मिलान करें और ब्रोकर सही है या नहीं, पता करें।
 

सोमवार, 1 जुलाई 2024

Full form of ED in Hindi with details


 






पिछले कुछ वर्षों में कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच होने के सिलसिले में ED का नाम अक्सर मिडिया में आता रहता है। VVIP हेलिकॉप्टर मामला, रॉबर्ट वाड्रा का विदेशी सम्पत्ति मामला, वित्त मंत्री पी चिदम्बरम और उनके पुत्र कार्ति के खिलाफ INX मिडिया केस में बेहिसाब संपत्ति रखने का मामला, विजय माल्या व नीरव मोदी के धन-शोधन (money laundering) मामले की जांच ED द्वारा ही की गई थी।
23 जुलाई 2025 को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म MYNTRA द्वारा 1654 करोड़ रु. के FEMA नियम उल्लंघन करने के लिए ED ने कंपनी के विरुद्ध केस दर्ज किया है।

 ED का अंग्रेजी में पूरा नाम है:- Directorate of Enforcement या Directorate General of Economic Enforcement. हिन्दी में इसे प्रवर्तन निदेशालय के नाम से जाना जाता है।
प्रवर्तन निदेशालय की स्थापना 1 मई 1956 को की गई थी और यह केंद्रीय राजस्व विभाग एवं वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका मुख्यालय दिल्ली है। ED में सभी उच्च अधिकारियों की पदस्थापना अनिवार्यतः IAS, IPS या IRS रैंक के अधिकारियों में से ही की जाती है।

 ED के मुख्य कार्य हैं :-
1. विदेशी विनिमय प्रबन्धन अधिनियम foreign Exchange Management Act 1999 (FEMA) के अंतर्गत विदेशी मुद्रा विनिमय विधियों व नियमों के उल्लंघन की जांच करने के साथ-साथ आरोपियों को दंड देने का अधिकार भी ED के पास है।
2. भारत में आर्थिक अपराध एवं आर्थिक नियमों को लागू करना, काला धन जब्त करने में पुलिस की सहायता करना।
3. Prevention of  Money Laundering Act PMLA 2002 धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति का पता लगाने हेतु जांच करना व उसके उपरांत उन संपत्तियों को जब्त करने/ कुर्क करने और धन शोधन में लिप्त अपराधियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार भी ED के पास है।
पहले धन-शोधन की रोकथाम से जुड़े मौजूदा प्रावधानों के तहत जब्त या कुर्क की गई परिसंपत्तियों की वैध अवधि 90 दिन थी।लेकिन 1 फरवरी 2019 को पेश 2019-20 के अंतरिम बजट में इस अवधि को बढ़ाकर 365 दिन कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से ईडी जाँच एजेंसी को सबूत इकट्ठा करने और आर्थिक अपराधी का जुर्म साबित करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

ED के उच्चतम अधिकारी को प्रवर्तन निदेशक कहते हैं। ED के 5 मुख्य कार्यालय हैं : मुम्बई,चेन्नई,चंडीगढ़ कोलकाता व दिल्ली।
ED के 16 क्षेत्रीय कार्यालय हैं : अहमदाबाद,बेंगलुरु, चंडीगढ़,चेन्नई,कोच्चि,दिल्ली,पणजी,गुवाहाटी, हैदराबाद,जयपुर,जालंधर,कोलकाता,लखनऊ,मुंबई, पटना और श्रीनगर। क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख को संयुक्त निदेशक कहा जाता है।
ED के 11 उप क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं : भुबनेश्वर, कोजीकोड,इंदौर,मदुरै,नागपुर, प्रयागराज,रायपुर, देहरादून, रांची, सूरत व शिमला।इनके प्रमुख अधिकारी को उप-निदेशक कहा जाता है।

ED के मुख्य निदेशक कौन हैं ?

 अभी ED के मुख्य निदेशक राहुल नवीन हैं। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा 14 अगस्त 2024 को दो वर्ष के लिए की गई है।

ईडी के निदेशक का कार्यकाल कितनी अवधि का होता है ?


केंद्रीय सतर्कता आयोग  एक्ट 2003 के अनुसार ईडी के निदेशक का कार्यकाल दो साल का होता था पर 14 नवम्बर 2021 को केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) 2021 नामक अध्यादेश जारी हुआ है। इसके बाद अब ईडी के निदेशक का कार्यकाल पांच साल हो जाएगा। ईडी के निदेशक को कुछ अपवाद छोड़कर पद से नहीं हटाया जा सकता है।
 

उम्मीद है, आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। यदि आप CAG का फुल फॉर्म और इसके बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे दिए लिंक को कॉपी करिए -
https://togetfullforms.blogspot.com/2019/02/cag-full-form-in-hindi.html


सोमवार, 3 जून 2024

Full form of NABARD

NABARD का फुल फॉर्म National Bank for Agriculture and Rural Development है। हिंदी में  इसे "राष्ट्रीय ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक" कहा जाता है।


NABARD की स्थापना कब हुई थी ?


नाबार्ड की स्थापना 1981 में बनाई गई शिवरामन समिति की सिफारिश के आधार पर 22 जुलाई 1982 को 100 करोड़ रुपये की प्रदत्त यानि पेड अप पूंजी के साथ की गई थी। सन् 2010 में नाबार्ड की प्रदत्त पूंजी 2000 करोड़ रूपये थी।

नाबार्ड कृषि व ग्रामीण विकास से जुडी संस्थाओं को ऋण प्रदान करने वाली एक शीर्ष संस्था है। ऋण देने के लिए नाबार्ड को भारत सरकार, विश्व बैंक और दूसरी अन्य एजेंसी से समय समय पर वित्त उपलब्ध करवाया जाता है। नाबार्ड दूसरे सरकारी बैंक व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को भी ऋण प्रदान करती है ताकि ये बैंक कृषि,लघु उद्योग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा हस्तशिल्प आदि को ऋण उपलब्ध करा सके।

NABARD के चैयरमेन कौन हैं ?


दिसंबर 2022 से शाजी के वी को नाबार्ड का चेयरमेन बनाया गया है। इससे पहले श्री जी आर चिंतल इस पद पर कार्यरत थे। 

NABARD के कार्यालय कहां-कहां पर हैं ?


नाबार्ड का मुख्य कार्यालय मुम्बई में स्थित है। यह अपने 28 क्षेत्रीय कार्यालय जो सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं, के माध्यम से देश भर में वित्त पोषण के साथ -साथ फसल खरीद का कार्य करती है।
नाबार्ड का एक उप कार्यालय पोर्ट ब्लेयर में भी है। इसके अतिरिक्त 336 जिला कार्यालय की सहायता से यह देश के प्रत्येक हिस्से में अपनी उपस्थिति बनाये हुए है।

रविवार, 14 नवंबर 2021

Full form of CBI in hindi with description

CBI का फुल फॉर्म है- Central Beuearu of Investigation। हिंदी में इसे "केंद्रीय जाँच ब्यूरो" कहा जाता है।
                               CBI का लोगो

सीबीआई एक पुलिस संस्था है जिसका काम किसी ऐसे जटिल केस को सुलझाना है जो पुलिस द्वारा नहीं सुलझाया जा सकता हो।
CBI की स्थापना सन् 1941 में भारतीय पुलिस की सहायता के लिए की गयी थी। इसका मुख्य कार्यालय दिल्ली है।
CBI को किसी भी जटिल केस की जांच हेतु सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आवश्यकता होती है। एक बार सीबीआई के पास किसी मामले की जांच का आदेश प्राप्त हो जाता है तो फिर इसे पुरे देश में छानबीन के लिए जाने की छूट मिल जाती है और एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए इसे किसी तरह की कोई अनुमति नहीं लेना पड़ती है।
CBI में कर्मचारियों की भर्ती SSC CGL (Staaf Selection Commission) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से की जाती है।
सीबीआई का काम यूनाइटेड स्टेटस की संस्था FBI  (Federal Bureau of Investigation) की ही तरह है लेकिन FBI को ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं, CBI के मुकाबले।

CBI के निदेशक का कार्यकाल कितने समय के लिए होता है ?

CBI के निदेशक का कार्यकाल दो साल के लिए निर्धारित किया गया था लेकिन 14 नवम्बर 2021 को जारी एक संसदीय अध्यादेश के अनुसार अब CBI के निदेशक का कार्यकाल पांच साल का होगा।


CBI किस प्रकार से केस की जांच करती है ?

सीबीआई का केस की तहकीकात का तरीका पुलिस की जांच करने के तरीके से बहुत अलग होता है। CBI पूछताछ के दौरान आरोपी से किसी तरह की मारपीट नहीं करती।बल्कि इसकी जांच का फोकस बयान और सवाल पर होता है। आरोपी के साथ 2 अधिकारी मौजूद रहते हैं। अगर आरोपी महिला है और उससे पूछताछ हो रही है, तो वहां पर महिला अधिकारी के साथ जांच अधिकारी मौजूद रहता है। एक अधिकारी सवाल पूछता है और दूसरा अधिकारी उसके बयान को लिखता है। बयान लिखने के बाद आरोपी को दिखाया जाता है और फिर उसके हस्ताक्षर लिए जाते हैं।

बुधवार, 24 जून 2020

CAG Full form in hindi

CAG भारत की संवैधानिक संस्था है। कैग का नाम अक्सर अख़बारों में आता रहता है।
 प्रसिद्ध कोयला खदान आंवटन व 2G स्पेक्ट्रम आंवटन घोटाले का पता लगाने में CAG का सबसे बड़ा हाथ था। CAG ने ही वर्ष 2012-13 से 2017-18 की अवधि में UPA व NDA के कार्यकाल के दौरान रक्षा क्षेत्र में खरीद के 32 ऑफसेट कांट्रेक्ट का ऑडिट किया है। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए खरीदे गए रक्षा उपकरणों के सौदे शामिल हैं।

CAG का फुल फॉर्म :-


Comptroller and Auditor General का संक्षिप्त रूप है CAG जिसे हिंदी में भारत का "नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक" कहते हैं
।

कैग CAG भारत के संविधान के अनुच्छेद 148 द्वारा स्थापित एक संस्था है जो भारत सरकार, सभी राज्य सरकार और सरकारी पूंजी से बने सभी सार्वजनिक उपक्रम व संस्थाओं के वित्तीय लेखों का अंकेक्षण audit करता है। कैग के ऑडिट व एकाउंट्स विभाग में कुल 57000 कर्मचारी काम करते हैं। इसका मुख्यालय दिल्ली है। CAG पूरी तरह से एक स्वतन्त्र संस्था है,जिस पर केंद्र सरकार का नियंत्रण नहीं होता। CAG की रिपोर्ट पर संसद की लोकलेखा समिति (PAC) और सार्वजनिक उपक्रमों की समिति विचार करती है।
CAG के सर्वोच्च अधिकारी को भी CAG कैग ही कहा जाता है।

 CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।


अभी देश के CAG कौन हैं ?
 राष्ट्रपति द्वारा 21नवंबर2024 से श्री K. Sanjay Murthy को भारत का CAG नियुक्त किया गया था।


CAG से संबद्ध व्यवस्थाएं हमारे संविधान के अनुच्छेद 148 से 151 तक की गई है। देश के वरीयता अनुक्रम में CAG का स्थान नौवां है जो सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के बराबर है। कैग का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की उम्र,जो भी पहले हो, की अवधि के लिए होता है। CAG को उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस रीति से और जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अपने पद से हटाये जाने के पश्चात् वह केंद्र सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी और पद का पात्र नहीं होगा।
डॉ अम्बेडकर ने CAG के बारे में कहा था - "मेरे विचार से कैग भारत की शासन व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी होगा।
जैसा ऊपर भी लिखा गया है कि संविधान ने कैग CAG को सुप्रीम कोर्ट के जजों की भांति हर संभव अधिकार दिए हैं।
लेकिन अब धीरे-धीरे केंद्र ही नहीं राज्य सरकारें भी इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से बचने लगी हैं। 

11 वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 11th CAG श्री विनोद राय थे - 


 7 जनवरी 2008 से 22 मई 2013 तक भारत के 11 वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक रहे श्री विनोद राय के बारे में  आपको न बताया जाए तो CAG से संबंधित सभी जानकारी अर्थहीन है। UPA सरकार के समय हुए 2G स्पेक्ट्रम घोटाला व कोयला घोटाला श्री विनोद राय ने ही उजागर किया था। इसके बाद CAG का नाम लोगों की जबान पर चढ़ गया। 

श्री विनोद राय की आत्मकथा "NOT JUST AN ACCOUNTANT" पुस्तक पढ़ने लायक है। यदि कोई इस पुस्तक को पढ़ना चाहे तो अमेजॉन और किंडल पर यह उपलब्ध है।

आशा है, आपको CAG के बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी। यदि आप ED प्रवर्तन निदेशालय यानि Enforcement Directorate के बारे में जानना चाहते हैं तो इससे संबंधित पोस्ट पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिककरिए ~ http://togetfullforms.blogspot.com/2018/10/full-form-of-ed-in-hindi.html
  





 

बुधवार, 25 जुलाई 2018

Full form of NCERT in Hindi

NCERT का फुल फॉर्म है- National Council of Educational Research and Training.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्
NCERT भारत सरकार द्वारा सन् 1961में बनाई गई एक स्वायत्तशासी संस्थान है और यह सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत कार्य करता है।  दरअसल इससे पहले देश में सात विभिन्न राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान कार्यरत थे।1 सितम्बर 1961 को इन सभी सात शिक्षा संस्थानों को मिलाकर एक ही संस्था बनाई गई जिसका नाम NCERT रखा गया। ये सात संस्थान थे - 
1. the Central Institute of Education.
2. the Central Bureau of Text book Research.
3. the Central Bureau of Educational and Vocational Guidance.
4. the Directorate of Extension Programmes for Secondary Education.
5. the National Institute of Basic Education.
6. the National Fundamental Education Centre.
7. the National Institute of Audio-Visual Education.

NCERT का ध्येय वाक्य है - विद्ययाऽमृतम्श्नुते। 

                       
इसका प्रधान कार्यालय श्री अरविन्द मार्ग नई दिल्ली में स्थित है।

    NCERT के निदेशक का अधिकतम कार्यकाल पांच साल का होता है।
14 फरवरी 2022 से यह पद श्री दिनेश प्रसाद सकलानी Dinesh Prasad Saklani के पास है।

मुख्य कार्य -

 एनसीईआरटी का मुख्य काम शिक्षा नीति के संचालन में केंद्र और राज्य सरकार को सुचारू रूप से सहायता, शिक्षा संबंधी परामर्श, शिक्षण सामग्री विशेषकर स्कूली शिक्षा के लिए कक्षा एक से बारहवीं कक्षा हेतु पुस्तकों व अन्य सामग्री का प्रकाशन करना।
देश में शिक्षा सम्बन्धी नीति- निर्धारण व उच्च शिक्षा में शोध और प्रशिक्षण हेतु प्रोत्साहन एवं आर्थिक सहायता देने के रूप में NCERT का सहयोग अवश्य रहता है। NCERT  द्वारा प्रकाशित शिक्षण सामग्री प्रमाणिक मानी जाती है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी केवल NCERT द्वारा प्रकाशित पुस्तकों द्वारा ही तैयारी करने की सलाह दी जाती है।

NCERT की आधिकारिक वेबसाइट - 

 www.ncert.nic.in  यहां से निःशुल्क शिक्षण सामग्री डाउनलोड की जा सकती है।