मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

OPEC full form in Hindi

   
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 OPEC - Organisation of Petroleum Exporting Countries.
प्रमुख तेल उत्पादक देशों का समूह

स्थापना वर्ष : सन् 2016. 

इससे पहले सितंबर 1960 में OPEC की शुरुआत बगदाद में ईरान ,इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला ने की थी। अभी ओपेक में 12 देश हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं-

  • मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) : ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात।
  • संयुक्त अरब अमीरात 01मई 2026 से OPEC और OPEC+से अलग हो रहा है।
  • अफ्रीका : अल्जीरिया, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, गैबॉन, लीबिया, नाइजीरिया।
  • दक्षिण अमेरिका : वेनेजुएला।

 OPEC+में 11 और देश शामिल हैं। इससे गैर-OPEC देश भी वैश्विक तेल नीति में भाग लेते हैं। यह गठबंधन दुनिया के 41% कच्चे तेल का उत्पादन नियंत्रित करता है। हाल ही में OPEC के 8 देशों ने सितंबर 2025 से उत्पादन 5,47,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है।

विश्व का करीब 80% तेल OPEC देशों के पास है


ओपेक का मुख्यालय कहां है ?

OPEC का मुख्यालय ऑस्ट्रिया, वियना में है।

OPEC+ समूह में कौनसे देश हैं ?

ओपेक+संगठन में कुल 11सदस्य देश हैं। ये सभी देश तेल उत्पादन नहीं करते हैं लेकिन तेल उत्पादन, इसकी कीमत आदि निर्धारित करने में इन देशों का सहयोग OPEC लेता है।

OPEC+के 11सदस्य देश हैं -

अज़रबैजान, बहरीन, ब्रुनेई, ब्राजील, कजाकिस्तान, मलेशिया, मैक्सिको, ओमान, रूस, दक्षिण सूडान और सूडान

यूएई का OPEC संगठन से अलग होने के क्या कारण हैं ? 

UAE संयुक्त अरब अमीरात ओपेक का बहुत पुराना और एक अहम सदस्य रहा है। खाड़ी के तेल उत्पादक देशों में यह तीसरा सबसे बड़ा देश है।अब इसने OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने की घोषणा कर दी है।

उसका फैसला 01मई 2026 से लागू माना जायेगा।

यूएई ने ओपेक छोड़ने का कारण ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से विश्व में तेल,पेट्रोलियम पदार्थो और एलपीजी की कीमतें बढ़ने को बताया है।

यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मजरूई (Suhail Al Mazrouei) ने कहा कि  ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से तेल की कीमतें अस्थिर हो गई हैं और सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है अतः भविष्य में वह तेल की कीमतें स्थिर रखना चाहता है और तेल उत्पादन बढ़ा कर इसमें मदद करेगा।



मंगलवार, 10 मार्च 2026

CPI full form in Hindi


 CPI -CPI Stands for Consumer Price Index


हिन्दी में CPI का मतलब - उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
इंग्लिश में CPI का अर्थ - Consumer Price Index

दिनांक 21 अक्टूबर 2020 से CPI (I W) 
का बेस ईयर 2001 से बदल कर 2016 हो गया है।
यह बदलाव श्रम ब्यूरो द्वारा किया गया। ज्ञात हो, श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय Ministry of Labour & Employment के अधीन कार्य करता है।
श्रम ब्यूरो द्वारा अब यह तय किया गया है कि CPI (IW) का आधार वर्ष हर 5 साल में बदला जाएगा।
बाजार की स्थिति और उपभोक्ता की पसंद- नापसन्द के आधार पर सीपीआई का निर्धारण किया जाएगा।
सीपीआई के बेस ईयर में बदलाव का सीधा लाभ पेंशनर्स, सरकारी कर्मचारी एवं फैक्ट्री वर्कर्स को होगा। 
CPI में यह  बदलाव CPI for Industrial Workers CPI (I W) में किया गया है।

CPI मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं:
1. 
1. औद्योगिक श्रमिकों (Industrial Workers-IW) के लिये CPI 
2. कृषि मज़दूर (Agricultural Labourer-AL) के लिये CPI
3. ग्रामीण मज़दूर (Rural Labourer-RL) के लिये CPI
4. CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)



रविवार, 1 मार्च 2026

Full form of WPI


WPI (Whole Sale Price Index)
 

हिंदी में - थोक मूल्य सूचकांक

  1. WPI का आंकलन प्रति सप्ताह ऑफिस ऑफ़ इकॉनामिक एडवाइजर करती है जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है.WPI की गणना के लिए
  2. एक base year (आधार वर्ष) तय किया जाता है जो फिलहाल 2011-12 है.
  3.  इस गणना में कुल 676 वस्तुएं सम्मिलित हैं, वे हैं:–
  • प्राथमिक वस्तु (primary articles):— दाल, चावल, सब्जियाँ इत्यादि.

  • निर्माण उत्पाद (manufactured articles):—पेय पदार्थ,तम्बाकू व इससे निर्मित उत्पाद,लकड़ी व इससे निर्मित सामान,रासायनिक उत्पाद, धातु उत्पाद, खाद्य उत्पाद, कपड़े,कागज व इससे निर्मित उत्पादन, रबर और इससे निर्मित उत्पाद, व

  • इंधन (तेल, बिजली, कोयला)
रासायनिक उत्पाद में कार्बन और उसके यौगिक, एसिड, सोडा, सोडा ऐश, ऑक्सीजन, जिंक ऑक्साइड आदि आते हैं.
खाद्येत्तर वस्तुओं में- रुई, जूट, ऊन, सिल्क, फाइबर आदि आते हैं.

WPI की सूची में उन वस्तुओं को ऊपर
 रखा जाता है जिनके prices महत्त्वपूर्ण हैं. उदाहरण के लिए, WPI प्राथमिक वस्तु में सर्वप्रथम खाद्य वस्तुएँ (दाल-चावल आदि) फिर खाद्येत्तर …फिर जाकर खनिज के prices-level को रखा जाता है. दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि खाद्य वस्तुओं के दाम को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है. यह प्राथमिकता, उपभोक्ताओं के द्वारा किसी विशेष वस्तु पर किये जा रहे खर्च पर निर्भर करता है. जिस प्रकार की वस्तु पर अधिक खर्च किया जाता है,के वह सूची में ऊपर दिखेगा और कम उपयोगी वस्तुओं के वर्ग का नाम नीचे आएगा.
2012 तक सरकार द्वारा जारी मुद्रा- स्फीति के आंकड़े WPI पर ही आधारित होते थे लेकिन 2013 से मुद्रा-स्फीति का आंकलन CPI के आधार पर निर्धारित होता है.

WPI कैसे निकाला जाता है ?

WPI निकालने के लिए बेस ईयर की सहायता ली जाती है। सन् 2017 से WPI मापने के आधार वर्ष 2011-12 है.अब मान लें आपको दालों का WPI पता करना है. इसके लिए सन् 2011-12 के दौरान दालों की कीमतें जानना होगी. मान लीजिए उस समय दालों की कीमत 40 रुपये प्रति किलो थी. अभी 2020 में यह बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो हो गई तो मूल्य में बढ़ोतरी 50 रुपये प्रति किलो हुई. इसे हमको प्रतिशत के रूप में बदलना होगा.
40 रुपये पर 50 रुपए की वृद्धि
100 रुपये पर 125 रुपये की वृद्धि
अतः WPI 100 + 125 =225 
दालों के लिए सन् 2020 में WPI 225 है.

रविवार, 21 दिसंबर 2025

Full form of FTSE, DAX & CAC in Hindi



FTSE, DAX और CAC ये तीनों ही अंतरराष्ट्रीय स्टॉक इंडेक्स हैं। ये तीनों इंडेक्स यूरोपीय स्टॉक एक्सचेंज से संबंधित हैं। दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में फ्रांस,जर्मनी व ब्रिटेन बड़ी इकोनॉमी में गिने जाने वाले देश हैं। सन् 2018 तक तो फ्रांस,जर्मनी व यूनाइटेड किंगडम का खासा महत्व था। जर्मनी दुनिया की चौथी सबसे  बड़ी अर्थव्यवस्था थी। फ्रांस पांचवीं और यूके दुनिया की छठी सबसे बड़ी इकॉनमी मानी जाती थी। हालांकि अमेरिकी थिंक टैंक वर्ल्ड पापुलेशन रिव्यू के अनुसार अब दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्था में फ्रांस और ब्रिटेन शामिल नहीं है। इसमें अब भारत का नाम जुड़ गया है। सन् 2025 के GDP आंकड़ों के हिसाब से दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इस तरह है :

RankCountryNominal GDP (USD) in trillions
1United States (U.S)$30.615
2China$19.398
3Germany$5.013
4Japan$4.279
5India$4.125
6United Kingdom (U.K.)$3.958
7France$3.361


इसीलिए FTSE, DAX और CAC इन तीनों सूचकांकों का दुनिया की इकॉनमी में बहुत महत्व है क्योंकि ये क्रमशः ब्रिटेन,जर्मनी और फ्रांस देश से संबंधित हैं।
ये सूचकांक या इंडेक्स ठीक वैसे ही कार्य करते हैं जैसे हमारे भारत मे SENSEX और NIFTY कार्य करते हैं। ये तीनों सूचकांक भारत में भी टीवी पर विभिन्न बिज़नेस चैनल्स पर मोनिटर किये जाते हैं। आप लोगों ने भी इन सूचकांकों को टीवी पर जरूर देखा होगा और इनके बारे में अधिक जानने की उत्सुकता हुई होगी। तो यहां पर हम आपको इन तीनों इंडेक्स के बारे में विस्तृत रूप से बताएंगे।

FTSE Full form : "Financial Times Stock Exchange 100 index" को संक्षिप्त में FTSE या FTSE100 index कहते हैं।


 दरअसल FTSE 100 इंडेक्स FTSE यानि फाइनेंसियल टाइम्स स्टॉक एक्सचेंज समूह द्वारा 3 जनवरी 1984 को बनाया गया था। लन्दन स्टॉक एक्सचेंज में,पूंजी के हिसाब से FTSE में यूनाइटेड किंगडम की 100 सबसे बड़ी कंपनियां सूचीबद्ध की गई है।
FTSE में सूचीबद्ध जो पांच सबसे बड़ी कंपनियां हैं वह इस प्रकार से हैं :-
1. Royal Dutch Shell plc - यह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो ऑइल व गैस का कारोबार करती है।
2. HSBC Holding plc - यह यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का सातवां सबसे बड़ा बैंक है।
3.British Petroleum plc-  यह एक और बहुराष्ट्रीय ऑइल व गैस कंपनी है।
4. Glaxo SmithKline plc-यह दुनिया की जानी-मानी दवा कंपनी है। कम्पनी का भारत में भी अच्छा कारोबार है।यह सन् 2000 में Glaxo Welcome और Smith Kline Beccham के मर्जर से बनी दुनिया की छठी सबसे बड़ी दवा कम्पनी है।
5. British American Tobacco plc - तम्बाकू बनाने वाली एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी। यह 180 देशों में अपना कामकाज करती है। इसके मशहूर ब्रांड : Dunhill, Pall Mall व Lucky Strike हैं।

कम्पनी के नाम के अंत में लिखे plc का मतलब है - Public Limited company इसे PLC भी लिखा जाता है। ब्रिटेन में सभी पब्लिक लिमिटेड कंपनियों को अपने नाम के अंत में plc या PLC लिखना अनिवार्य है।

Full form of DAX  : Deutscher Karien index.

DAX या DAX30 एक जर्मन स्टॉक इंडेक्स है जिसमें फ्रेंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज में पूंजी के हिसाब से 30 सबसे बड़ी जर्मन कंपनियां सूचीबद्ध की गई हैं।यह इंडेक्स 1 जुलाई 1988 को Deutsche Borse द्वारा स्थापित किया गया था। इस इंडेक्स में सूचीबद्ध बहुत सारी कंपनियों के उत्पाद भारत मे भी काफी लोकप्रिय हैं। कई कंपनियां तो हमारे BSE व NSE में भी सूचीबद्ध हैं। इनमें से कुछ नाम हैं -
Adidas, Allianz, BASF, Bayer Pharmaceuticals and Chemicals, BMW, Deutsch Bank, Heidelberg Cement, Henkel, Linde, Merck, Siemens व  VolksWagon
 group.

Full form of CAC 40 : Citation Assisted en Continu. यह  फ्रेंच स्टॉक मार्केट एक्सचेंज है। सन् 1987 में स्थापित किया गया था। इसे यूरोनेक्स्ट (Euronext)  द्वारा संचालित किया जाता है। इस इंडेक्स में कुछ ऐसे नाम जो अपने देश भारत में भी खासे लोकप्रिय हैं ~

Airbus, Arcelor Mittal, Ada, BNP Baribas, Caogemini, L"Oreal", Renault, Saint-Gobain और Sanofi.






रविवार, 7 दिसंबर 2025

Some abbreviations mostly used on social media


 1. OMG – Oh My God

2. LOL - Laugh Out Loud 3. IC - I See 4. ΤΒΗ - To Be Honest 5. DM - Direct Message 6. OOTD - Outfit Of The Day 7. ICYMI - In Case You Missed It 8. FYI - For Your Information 9. BTW - By The Way 10. FOMO – Fear Of Missing Out 11. IMO – In My Opinion 12. IDK - I Don't Know 13. PPL - People 14. NSFW - Not Safe For Work
15. TBT - Throughback Thursday

16. BRB - Be Right Back

17. SMH - Shaking My Head

18. THX - Thanks

19. ASAP - As Soon As Possible

20. TTYS - Talk To You Soon

गुरुवार, 13 नवंबर 2025

PETA full form in Hindi

   

   PETA full form - People for the    Ethical Treatment of Animals.


PETA विश्व भर में फैले पशु-प्रेमियों का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन

है।

PETA क्या करता है ?

   PETA पशु अधिकार, वन्य जीव संरक्षण, वीगन जीवन पद्धति से संबंधित विषयों पर शैक्षिक कार्यक्रम आदि पर काम करता है।   जहां कहीं भी जानवरों के साथ अन्याय, अत्याचार, दुर्व्यहार होता है तो PETA जानवरों के हित में इसके खिलाफ आवाज उठाता है। PETA न केवल आवारा व जंगली जानवरों, पशु-पक्षियों के लिए आवाज उठाता है बल्कि पालतू जानवरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर भी संज्ञान लिया है।

PETA संगठन कब बनाया गया ?

PETA  की शुरुआत 1980 में अमेरिका के वर्जिनिया शहर में की गई थी।


भारत में PETA कानून की क्या स्थिति है ?

भारत में जानवरों के प्रति हिंसा अपराध की श्रेणी में रखा गया है।  पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अनुसार किसी पालतू या जंगली जानवर को सताना अमानवीय है। पशुओं पर किया गया किसी भी तरह का अत्याचार और अपनी आजीविका हेतु उनका इस्तेमाल एक दंडनीय अपराध है।

जहां कहीं किसी बीमार, घायल पशु-पक्षी को वेटरनरी सेवा की आवश्यकता होती है, तो कोई भी व्यक्ति PETA के हेल्पलाइन नंबर(0) 98201 22602पर सूचना दे सकता है।

मंगलवार, 4 नवंबर 2025

IIBX full form in Hindi

 IIBX  full form - India International Bullion Exchange.

IIBX देश का प्रथम अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज है। इसका संचालन गुजरात राज्य में गांधीनगर स्थित GIFY CITY से किया जाता है।

IIBX सोना और चांदी की ट्रेडिंग के लिए एक प्लेटफार्म है। इस प्लेटफार्म के जरिए अनुमति-प्राप्त व्यापारी आसानी से सोना आयात कर सकते हैं। यह एक्सचेंज इन कीमती धातुओं में ट्रेडिंग को अधिक पारदर्शी व कानूनी रूप से वैध बनाता है जिससे  सोने के व्यापार और इसके आयात में होने वाली सट्टेबाजी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

IIBX कब शुरू किया गया था ?

29 जुलाई 2022 को गिफ्ट सिटी गुजरात में आईआईबीएक्स का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

IIBX अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) द्वारा विनियमित की या जाता है।