These terms are nowadays commonly used :
1. GOAT - Greatest Of All Time 2. FOMO - Fear Of Missing Out 3. YOLO - You Only Live Once 4. IYKYK - If You Know, You Know 5. TL;DR - Too Long; Didn't Read 6. POV - Point Of View 7. NGL - Not Gonna Lie 100 8. TBH - To Be Honest 9. SMH - Shaking My Head 10. IMO - In My Opinion 11. ICYMI - In Case You Missed It 12. OOTD - Outfit Of The Day 13. GRWM - Get Ready With Me 14. AFK - Away From Keyboard 15. FR - For Real 16. NO CAP - No Lie 17. CAP - A Lie 18. FLEX - Show Offplace to get full forms
अंग्रेजी के संक्षिप्त रूप या abbreviations के फुल फॉर्म आपको विस्तृत विवरण सहित सीधे-सरल तरीके से सटीक व सबसे उम्दा आलेख आपको हिंदी भाषा में togetfullforms.blogspot.com में पढ़ने को मिलेंगे। यदि आप पुरानी पोस्ट पढ़ना चाहते हैं तो नीचे जहां "मुखपृष्ठ" लिखा है, उसके दायीं तरफ का तीर पर क्लिक करें और नई पोस्ट पढ़ना चाहें तो बाईं तरफ के तीर पर क्लिक करें।
सोमवार, 24 अगस्त 2026
Some abbreviations used on social media
सोमवार, 15 जून 2026
Full form of IIP. IIP का मतलब
IIP means Index of Industrial Production
IIP का विस्तृत रुप - औद्योगिक उत्पाद सूचकांक
IIP का विस्तृत रुप - औद्योगिक उत्पाद सूचकांक
IIP का अर्थ -देश में, एक विशेष समय सीमा के भीतर औद्योगिक उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को IIP द्वारा मापा जाता है। इसका आंकलन भारत में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय CSO अर्थात Central Statistics Office द्वारा प्रति माह किया जाता है। CSO, MOSP (Ministry of Statistics & Programme Implementation) के अधीन कार्य करता है। IIP के माध्यम से औद्योगिक उत्पादों के एक समूह में शामिल वस्तुओं के उत्पादन में छोटी अवधि में हो रही घटत-बढ़त को दर्शाया जाता है।
भारत सरकार ने हाल ही में IIP का आधार वर्ष 2004-05 से बदल कर 2022-23 किया है। आधार वर्ष का मूल्य सदैव 100 होता है। अतः यदि एक वर्ष में IIP 110 है तो इसका अर्थ यह हुआ कि देश में 2004-05 के मुकाबले 10% ज्यादा औद्योगिक उत्पादन हुआ है।
शनिवार, 6 जून 2026
FSSAI full form in Hindi
FSSAI full form is Food Safety & Standards Authority of India
FSSAI अर्थात भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण
FSSAI भारत में पैक्ड प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पौष्टिकता की जांच व उन पर नियंत्रण करने वाली सर्वोच्च संस्था है।
FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय Ministry of Health & Family Welfare के अधीन कार्य करता है।
FSSAI क्या करता है ?
शुक्रवार, 1 मई 2026
GI TAG full form in Hindi
G I का मतलब Geographical Indication tag.
जब कोई स्थान और वहां बहुतायत से मिलने वाली या बनने वाली वस्तु का आपस में घनिष्ठ संबंध हो जाता है तो ऐसी वस्तु को GI tag देकर उस वस्तु और स्थान की महत्ता को सुरक्षित किया जाता है।
जैसे दार्जलिंग का नाम चाय के साथ, कोल्हापुर का नाम चप्पल के साथ जुड़ गया।
GI टैग मिलने से उन उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान मिलती है साथ ही उसकी प्रमाणिकता का पुष्टिकरण होता है। GI टैग मिलने से उत्पादों को दुनिया के प्रत्येक कोने में पहुंचाने और अधिक मूल्य दिलाने में मदद मिलती है।
ये टैग किन वस्तुओं को मिल सकता है ?
GI टैग किसी खाद्य वस्तु, दैनिक उपयोग वाली वस्तु जैसे चप्पल, कपड़े ,चाय, फल और मेवे और कोई अन्य वस्तु को मिल सकता है।
भारत में GI टैग किस एक्ट के अंतर्गत आता है ?
भारत में GI टैग जियोग्राफिकल इंडिकेशन, 1999 के अंतर्गत आता है और भारत सरकार इस एक्ट के नियमों के हिसाब से GI TAG देती है।
GI टैग में कितनी वस्तुएं हैं ?
मार्च 2029 तक भारत में 822 वस्तुओं को GI tag मिल चुका है और आगे यह संख्या बढ़ती रहेगी।
सबसे पहला टैग किस वस्तु को मिला था?
सबसे पहला टैग भारत में दार्जलिंग की चाय को 2004 में मिला था।
सबसे अधिक GI TAG किस राज्य के पास है ?
उत्तर प्रदेश के पास सबसे अधिक GI TAG वाले 77 उत्पाद हैं। दूसरे नंबर पर तमिल नाडु आता है
GI tag का मुख्यालय कहां है?
चेन्नई तमिल नाडु में GI tag का मुख्यालय है।
दुनिया का पहला GI TAG वाला उत्पाद कौनसा है ?
ROCKFORT CHEES रोकफोर्ट पनीर जो फ्रांस का एक उत्पाद है, उसे 1955 में पहला GI TAG मिला था।
GI टैग किसी व्यक्ति को मिल सकता है ?
इसका उत्तर है, नहीं।
GI टैग किसी संस्था, संगठन या राज्य और केंद्र सरकार को ही मिलता है।
GI टैग एक तरह से किसी खास नाम पर अपने अधिकार जैसा है। यह 10 वर्ष के लिए वैध रहता है। दस वर्ष बाद पुनः इसको नवीनीकरण करवाना होता है। यदि नहीं कराया तो दूसरा कोई भी उसका दुरुपयोग कर सकता है।
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
OPEC full form in Hindi
LOGO
OPEC - Organisation of Petroleum Exporting Countries.
प्रमुख तेल उत्पादक देशों का समूह
स्थापना वर्ष : सन् 2016.
इससे पहले सितंबर 1960 में OPEC की शुरुआत बगदाद में ईरान ,इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला ने की थी। अभी ओपेक में 12 देश हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं-
- मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) : ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात।
- संयुक्त अरब अमीरात 01मई 2026 से OPEC और OPEC+से अलग हो रहा है।
- अफ्रीका : अल्जीरिया, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, गैबॉन, लीबिया, नाइजीरिया।
- दक्षिण अमेरिका : वेनेजुएला।
OPEC+में 11 और देश शामिल हैं। इससे गैर-OPEC देश भी वैश्विक तेल नीति में भाग लेते हैं। यह गठबंधन दुनिया के 41% कच्चे तेल का उत्पादन नियंत्रित करता है। हाल ही में OPEC के 8 देशों ने सितंबर 2025 से उत्पादन 5,47,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है।
विश्व का करीब 80% तेल OPEC देशों के पास है
ओपेक का मुख्यालय कहां है ?
OPEC का मुख्यालय ऑस्ट्रिया, वियना में है।
OPEC+ समूह में कौनसे देश हैं ?
ओपेक+संगठन में कुल 11सदस्य देश हैं। ये सभी देश तेल उत्पादन नहीं करते हैं लेकिन तेल उत्पादन, इसकी कीमत आदि निर्धारित करने में इन देशों का सहयोग OPEC लेता है।
OPEC+के 11सदस्य देश हैं -
अज़रबैजान, बहरीन, ब्रुनेई, ब्राजील, कजाकिस्तान, मलेशिया, मैक्सिको, ओमान, रूस, दक्षिण सूडान और सूडान।
यूएई का OPEC संगठन से अलग होने के क्या कारण हैं ?
UAE संयुक्त अरब अमीरात ओपेक का बहुत पुराना और एक अहम सदस्य रहा है। खाड़ी के तेल उत्पादक देशों में यह तीसरा सबसे बड़ा देश है।अब इसने OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने की घोषणा कर दी है।
उसका फैसला 01मई 2026 से लागू माना जायेगा।
यूएई ने ओपेक छोड़ने का कारण ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से विश्व में तेल,पेट्रोलियम पदार्थो और एलपीजी की कीमतें बढ़ने को बताया है।
यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मजरूई (Suhail Al Mazrouei) ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से तेल की कीमतें अस्थिर हो गई हैं और सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है अतः भविष्य में वह तेल की कीमतें स्थिर रखना चाहता है और तेल उत्पादन बढ़ा कर इसमें मदद करेगा।
मंगलवार, 10 मार्च 2026
CPI full form in Hindi
हिन्दी में CPI का मतलब - उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
CPI के आंकड़े कौनसा विभाग जारी करता है ?
2. कृषि मज़दूर (Agricultural Labourer-AL) के लिये CPI
3. ग्रामीण मज़दूर (Rural Labourer-RL) के लिये CPI
4. CPI (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)
रविवार, 1 मार्च 2026
Full form of WPI
WPI (Whole Sale Price Index)
- थोक मूल्य सूचकांक WPI की व्याख्या सीधे शब्दों में की जाए तो यह वह कीमत होती है जो थोक बाजार में एक व्यापारी दूसरे व्यापारी से वसूलता है.
- WPI का आंकलन प्रति सप्ताह ऑफिस ऑफ़ इकॉनामिक एडवाइजर करती है जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है.WPI की गणना के लिए
- एक base year (आधार वर्ष) तय किया जाता है जो फिलहाल 2011-12 है. इसको बदलकर अब 2022-23 किया जा रहा है।
- इस गणना में कुल 697 वस्तुएं सम्मिलित हैं, इन सभी को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता हैं:–
- 1.प्राथमिक वस्तु (primary articles):— दाल, चावल, सब्जियाँ इत्यादि. इसका वेटेज 22.62% है.
- 2. निर्माण उत्पाद (manufactured articles):—पेय पदार्थ,तम्बाकू व इससे निर्मित उत्पाद,लकड़ी व इससे निर्मित सामान,रासायनिक उत्पाद, धातु उत्पाद, खाद्य उत्पाद, कपड़े,कागज व इससे निर्मित उत्पादन, रबर और इससे निर्मित उत्पाद. इसका वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है.
- 3. इंधन (तेल, बिजली, कोयला) :--- इसका वेटेज 13.15% है.
2012 तक सरकार द्वारा जारी मुद्रा- स्फीति के आंकड़े WPI पर ही आधारित होते थे लेकिन 2013 से मुद्रा-स्फीति का आंकलन CPI के आधार पर निर्धारित होता है.

