गुरुवार, 12 नवंबर 2020

DIY full form in Hindi


DIY का फुल फॉर्म है - Do It Yourself.


DIY यह शब्द आपने कई बार इंटरनेट पर किसी समस्या का हल खोजने के लिए सर्च करने के दौरान पढ़ा होगा। आजकल DIY का प्रयोग इंटरनेट पर छोटे- छोटे घरेलू उपयोग सम्बन्धी टिप्स देने वाली साइट्स और यूट्यूब वीडियो में बहुतायत से हो रहा है। DIY टिप्स में ऐसी जानकारी दी जाती है जिसमें बिना किसी विशेषज्ञ की मदद के आसानी से उपलब्ध  
वस्तु से कोई भी व्यक्ति स्वयं ही वह प्रयोग करने में सक्षम होता है। इसीलिए इसे DIY अर्थात Do It Yourself "स्वयं करके देखिये" कहते हैं।

DIY शब्द कब चलन में आया ?

DIY शब्द सन् 1912 से प्रचलन में आना शुरू हुआ था और सन् 1950 तक लोग यह शब्द तेजी से उपयोग करने लगे। 
सन् 1970 में DIY का चलन पुस्तकों और TV में किया जाने लगा। सन् 1990 के आते-आते इंटरनेट तेज गति से पूरी दुनिया में फैल गया।इसके साथ ही DIY भी यू ट्यूब और वीडियो में यूज होने लगा। तब से DIY शब्द बराबर उपयोग किया जा रहा है।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

full form of MAT & GMAT in hindi


MAT - Management Aptitude Test


मैट का फुल फॉर्म है- मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट।
मैट परीक्षा का आयोजन आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। मैनेजमेंट क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय प्रवेश परीक्षाओं में से एक प्रवेश परीक्षा है- MAT । मैट प्रवेश परीक्षा में प्राप्त स्कोर के अनुसार परीक्षार्थियों को देश के 308 मैनेजमेंट संस्थाओं में प्रवेश दिया जाता है।

MAT परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है ?

मैट परीक्षा  की अवधि 150 मिनट की होती है। इसमें बहुविकल्पीय ( मल्टीप्ल चॉइस ) प्रकार के 200 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।  यदि गलत उत्तर दिये गये तो प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काट लिया जाता है

GMAT - Graduate Management Admission Test

GMAT द्वारा दुनिया के  सबसे बढ़िया मैनेजमेंट स्कूल में एडमिशन दिया जाता है। GMAT को संचालित करने वाली संस्था Graduate Management Admission Council GMAC जिमेक है।
भारत से हर साल करीब तीन लाख विद्यार्थी यह परीक्षा देते हैं। इसका स्कोर 5 साल तक वेलीड रहता है। छात्र की एनालिटिकल,राइटिंग,क्वांटिटेटिव,वर्बल और रीडिंग योग्यता परखने वाली इस परीक्षा का ऑनलाइन वर्जन इसी वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया है।
दुनिया के टॉप मैनेजमेंट स्कूल्स में प्रवेश के लिए GMAT के 800 अंकों में से ज्यादा से ज्यादा अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को दाखिला मिलता है। पिछले सालों के ट्रेंड देखने से पता चलता है कि YEL University, Harvard और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिए यह स्कोर लगभग 725 रहता है।

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

BPL & APL full form in Hindi


BPL stands for -Below Powerty Line.


APL stands for - Above Poverty Line.

"बीपीएल" भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय शब्द है। इसके क्या मायने हैं, आइये सरल भाषा में इसे समझते हैं।

भारत में जनता को तीन तरह के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं :
1. BPL CARD
2. APL CARD 
और तीसरा ANTYODAY अंत्योदय कार्ड।
बीपीएल के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।
अंत्योदय कार्ड ~

 अंत्योदय कार्ड अत्यंत गरीब परिवार को दिए जाते हैं। अंत्योदय का अर्थ है - गरीबों में से भी सबसे ज्यादा गरीब का कल्याण। अंत्योदय योजना की शुरुआत मोदी सरकार द्वारा 25 सितंबर 2014 को की गई थी। अंत्योदय योजना का उद्देश्य था कि अंतिम पंक्ति में खड़ा अंतिम व्यक्ति  सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो पाए। यह दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

BPL CARD ~

BPL भारत सरकार द्वारा अत्यंत गरीब परिवार की पहचान निर्धारित करने के लिए बनाया गया benchmark है। जिसके तहत सरकार एक निश्चित मापदंड के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोगों को चिन्हित करके उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं बनाती हैं। उन्हें घर, भोजन और दूसरी जीवन यापन की आवश्यक वस्तुएं कम दर पर उपलब्ध कराने हेतु BPL राशन कार्ड बनाये जाते हैं।
BPL निर्धारण के मापदंड हर राज्य में अलग-अलग हैं। ये मापदंड ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लिए भी भिन्न-भिन्न होते हैं। राज्य सरकार, राज्य की आर्थिक, सामाजिक और  दूसरी कई स्थितियों के मान से BPL रेखा का निर्धारण करती हैं। 
UPA सरकार के समय सुरेश तेंदुलकर ने सन् 2009 में और सी रंगराजन ने सन् 2014 में BPL line को परिभाषित किया था। मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई उज्जवला योजना बीपीएल कार्ड धारियों के लिए ही बनाई गयी थी। इस योजना के अंतर्गत  2016 -17 से 2018-19 तक कुल 5 करोड़ बीपीएल कार्ड धारी महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। अप्रैल 2017 तक 2 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए भी जा चुके हैं।

बीपीएल कार्ड धारक किसी भी सरकारी बैंक से मामूली ब्याज दर पर ऋण ले सकता है।
भारत में फिलहाल रुपये 20,000/- से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति को बीपीएल कार्ड जारी किए जाते हैं।
हरियाणा में बीपीएल कार्ड के लिए वार्षिक आय की सीमा 1.20 लाख थी जो जनवरी 2023 से 1.80 लाख कर दी जायेगी।

BPL CARD कैसे बनवाएं ?
बीपीएल कार्ड कैसे बनवाएं ?

BPL Card बनवाने हेतु जिस क्षेत्र में आप निवास करते हैं वहां के ग्राम पंचायत या नगरपालिका आदि सरकारी निकायों से बीपीएल कार्ड बनाने का फार्म लेकर  भरना होता है।यह फार्म बाजार में भी मिल जाता है। इसे ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
फॉर्म में जो भी जानकारी व्यक्ति से  मांगी गई है वह सही होना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों के नाम,उनकी उम्र, व्यवसाय,परिवार की वार्षिक आय, स्थायी पता आदि जानकारी देना होती है। दी गई जानकारी के अनुसार पात्र व्यक्ति को बीपीएल कार्ड जारी कर दिया जाता है।

यदि आप NABARD के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं तो इस लिंक को कॉपी करिये - 

https://togetfullforms.blogspot.com/2017/full-form-of-nabard-in-hindi.html


गुरुवार, 17 सितंबर 2020

Full form of LIBOR & MIBOR


full form of LIBOR - London Inter Bank Offer Rate.

Full form of MIBOR- Mumbai Inter Bank Offer Rate.

Full form of IBOR-  इंटर बैंक ऑफर रेट- जिस ब्याज दर पर  एक बैंक दूसरी बैंक से  छोटी अवधि के लिए उधार या ऋण लेना चाहती है, वह दर अन्तर बैंक ब्याज दर या inter bank interest rate कहलाती है।
सबसे पहले सन् 1986 में लन्दन में तीन विदेशी करेंसी USD, GBP और JPY के लिए जो अंतर बैंक दरें निर्धारित की गयीं उन्हें LIBOR  "लाइबोर" नाम दिया गया। बाद में अन्य देशों ने भी विदेशी मुद्राओं में अंतर बैंक दरें प्रकाशित करना प्रारम्भ किया जैसे-
MIBOR- Mumbai Inter Bank Offer Rate.

HIBOR- Hong-Kong Inter Bank Offer Rate.

SIBOR- Singapore Inter Bank Offer Rate.

TIBOR- Tokyo Inter Bank Offer Rate.

लाइबोर दरें शुरू में Thomes Reuters, BBA (British Bankers Association) के सहयोग से प्रकाशित करता था लेकिन 01 फरवरी 2014 से BBA का स्थान  Inter Continental Exchange(ICE) ने ले लिया है।
अब लाइबोर दरें ICE Benchmark Administration (IBA)द्वारा तय की जाती हैं और ये पांच करेंसी पर आधारित हैं:-
1. the US dollar (USD)
2. euro (EUR)
3. British pound (GBP)
4. Japanese yen (JPY)
5. Swiss franc (CHF)

 ये दरें एक दिन से एक वर्ष के मध्य 15 विभिन्न समयावधि के लिए होती हैं।
LIBOR rate निर्धारित करने हेतु प्रतिदिन 11.00 AM तक 18 अंतर्राष्ट्रीय बैंको द्वारा निर्धारित की गयी inter bank rate संग्रह की जाती है। इन 18 आंकड़ों का औसत निकाल कर प्रतिदिन 11.30 AM बजे  LIBOR दरें जारी कर दी जाती हैं।
MIBOR- Mumbai Inter Bank Offer Rate

माईबोर दरें भारत में NSEIL नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड जारी करता है। इसमें  सरकारी व निजी बैंके, डीलर्स और कुछ विदेशी बैंकों की IBOR को शामिल किया जाता है।
MIBOR rates प्रतिदिन सुबह 9.40 AM और 11.30 AM बजे अलग- अलग समयावधि( एक दिन से एक वर्ष तक) के लिए जारी की जाती हैं।

इंटर कॉन्टिनेंटल एक्सचेंज का प्रधान कार्यालय कहां है ?
where is the Head Office of Inter Continental Exchange situated ?


इंटर कॉन्टिनेंटल एक्सचेंज का प्रधान कार्यालय अटलांटा जार्जिया (अमेरिका) में है।

इंटर कॉन्टिनेंटल एक्सचेंज के अध्यक्ष कौन है ?
 
Who is the CEO of Inter Continental Exchange ?

अभी ICE के अध्यक्ष बेन जैक्सन हैं।

बुधवार, 12 अगस्त 2020

ABVP full form in Hindi

 


    Full Form of ABVP - Akhil Bhartiy Vidhyarthi Parishad अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

ABVP की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी। यह भारत का सबसे बड़ा छात्र संगठन है।

   एबीवीपी का कार्यक्षेत्र -  इस संगठन का मुख्य कार्यक्षेत्र देश के कॉलेज है जहां यह छात्रों के हित और उनके बेहतर भविष्य हेतु कार्य करता है।

 वर्तमान परिदृश्य में विशेष कर भारत में जहां कुल आबादी में युवाओं की संख्या अधिक है, देश की प्रगति में युवाओं और छात्रों की भूमिका और सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। ABVP  छात्रों को इन दायित्वों का निर्वहन करने और भविष्य के बेहतर राष्ट्र- निर्माण करने हेतु तैयार करता है।

उद्देश्य- ABVP बनाने के पीछे शिक्षा पद्धति को छात्रों के भविष्य निर्माण के अनुकूल बनाना, छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों में लगाना और सामाजिक हित में कार्य करना।

 एबीवीपी की गतिविधियां - एबीवीपी समय-समय पर छात्रों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं एवं केरियर मार्गदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित करती है। साथ ही देश में आपदाग्रस्त क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता आदि मुहैया कराती है।



बुधवार, 24 जून 2020

CAG Full form in hindi

CAG भारत की संवैधानिक संस्था है। कैग का नाम अक्सर अख़बारों में आता रहता है।
 प्रसिद्ध कोयला खदान आंवटन व 2G स्पेक्ट्रम आंवटन घोटाले का पता लगाने में CAG का सबसे बड़ा हाथ था। CAG ने ही वर्ष 2012-13 से 2017-18 की अवधि में UPA व NDA के कार्यकाल के दौरान रक्षा क्षेत्र में खरीद के 32 ऑफसेट कांट्रेक्ट का ऑडिट किया है। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए खरीदे गए रक्षा उपकरणों के सौदे शामिल हैं।

CAG का फुल फॉर्म :-


Comptroller and Auditor General का संक्षिप्त रूप है CAG जिसे हिंदी में भारत का "नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक" कहते हैं


कैग CAG भारत के संविधान के अनुच्छेद 148 द्वारा स्थापित एक संस्था है जो भारत सरकार, सभी राज्य सरकार और सरकारी पूंजी से बने सभी सार्वजनिक उपक्रम व संस्थाओं के वित्तीय लेखों का अंकेक्षण audit करता है। कैग के ऑडिट व एकाउंट्स विभाग में कुल 57000 कर्मचारी काम करते हैं। इसका मुख्यालय दिल्ली है। CAG पूरी तरह से एक स्वतन्त्र संस्था है,जिस पर केंद्र सरकार का नियंत्रण नहीं होता। CAG की रिपोर्ट पर संसद की लोकलेखा समिति (PAC) और सार्वजनिक उपक्रमों की समिति विचार करती है।
CAG के सर्वोच्च अधिकारी को भी CAG कैग ही कहा जाता है।

 CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।


अभी देश के CAG कौन हैं ?
 राष्ट्रपति द्वारा 21नवंबर2024 से श्री K. Sanjay Murthy को भारत का CAG नियुक्त किया गया था।


CAG से संबद्ध व्यवस्थाएं हमारे संविधान के अनुच्छेद 148 से 151 तक की गई है। देश के वरीयता अनुक्रम में CAG का स्थान नौवां है जो सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के बराबर है। कैग का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की उम्र,जो भी पहले हो, की अवधि के लिए होता है। CAG को उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस रीति से और जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अपने पद से हटाये जाने के पश्चात् वह केंद्र सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी और पद का पात्र नहीं होगा।
डॉ अम्बेडकर ने CAG के बारे में कहा था - "मेरे विचार से कैग भारत की शासन व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी होगा।
जैसा ऊपर भी लिखा गया है कि संविधान ने कैग CAG को सुप्रीम कोर्ट के जजों की भांति हर संभव अधिकार दिए हैं।
लेकिन अब धीरे-धीरे केंद्र ही नहीं राज्य सरकारें भी इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से बचने लगी हैं। 

11 वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 11th CAG श्री विनोद राय थे 


 7 जनवरी 2008 से 22 मई 2013 तक भारत के 11 वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक रहे श्री विनोद राय के बारे में  आपको न बताया जाए तो CAG से संबंधित सभी जानकारी अर्थहीन है। UPA सरकार के समय हुए 2G स्पेक्ट्रम घोटाला व कोयला घोटाला श्री विनोद राय ने ही उजागर किया था। इसके बाद CAG का नाम लोगों की जबान पर चढ़ गया। 

श्री विनोद राय की आत्मकथा "NOT JUST AN ACCOUNTANT" पुस्तक पढ़ने लायक है। यदि कोई इस पुस्तक को पढ़ना चाहे तो अमेजॉन और किंडल पर यह उपलब्ध है।

आशा है, आपको CAG के बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी। यदि आप ED प्रवर्तन निदेशालय यानि Enforcement Directorate के बारे में जानना चाहते हैं तो इससे संबंधित पोस्ट पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिककरिए ~ http://togetfullforms.blogspot.com/2018/10/full-form-of-ed-in-hindi.html
  





 

बुधवार, 15 अप्रैल 2020

EURO Full form in Hindi

"

"यूरो" Euro शब्द हम अक्सर सुनते रहते हैं। दुनिया में अमेरिकन डॉलर के बाद यूरो सबसे ज्यादा प्रचलित मुद्रा है। लेकिन अधिकांश लोग इतना ही जानते हैं कि यूरो एक करंसी है। वास्तविकता यह है कि यूरो Euro किसी एक देश की करंसी नहीं है। बल्कि क्षेत्र विशेष "यूरोज़ोन" द्वारा अपनाई गई एक करंसी या मुद्रा है।


 यूरो का मुद्रा चिह्न € और इसका बैंक कोड EUR है।

यूरोज़ोन क्या है ? What is Eurozone ?

"यूरोज़ोन" EUROZONE यूरोपियन यूनियन के 27 सदस्य में से 19 देशों द्वारा बनाया गया एक संगठन है। पहले यूरोपियन यूनियन में ब्रिटेन भी एक सदस्य था लेकिन brexit समझौते के अंतर्गत उसने 31 जनवरी 2020 को यूरोपियन यूनियन छोड़ दिया है।
 यूरोपियन यूनियन का एक साझा बैंक "यूरोपियन केंद्रीय बैंक" है। इस बैंक की अधिकृत मुद्रा Euro यूरो है।

यूरोज़ोन में शामिल 19 देश ये हैं :
1. ऑस्ट्रिया
2. बेल्जियम
3. सायप्रस
4. एस्टोनिया
5. फिनलैंड
6. फ्रांस
7. जर्मनी
8. ग्रीस
9. आयरलैंड
10. इटली
11. लातविया
12. लिथुवानिया
13. लक्समबर्ग
14. माल्टा
15. नीदरलैंड
16. पुर्तगाल
17. स्लोवाकिया
18. स्लोवेनिया
19. स्पेन
यूरोपियन यूनियन या यूरोपियन संघ सन् 1999 से अस्तित्व में आया। इसके साथ ही संघ ने उस समय प्रचलित मुद्रा European Currency Unit ECU   के स्थान पर EURO को अपनाया। फिर 01-01-2002 को यूरो बैंक नोट और सिक्के जारी हुए।

यूरो के सौवें हिस्से को सेंट कहते हैं। 15 april 2020 को भारत के एक रुपये का मूल्य 83.527 यूरो के बराबर था।
उपरोक्त 19 देशों के अलावा छः अन्य यूरोपियन देश भी यूरो मुद्रा के अधिकृत प्रयोक्ता हैं :
1. अंडोरा
2. मायोत
3. मोनैको
4. संत पियरे & मिकुलों
5. संत मारिनो
6. वेटिकन सिटी
हम आपको यह भी बताते चलें कि छठा देश वेटिकन सिटी पृथ्वी का सबसे छोटा स्वतंत्र राष्ट्र है। जिसका क्षेत्रफल सिर्फ 44 हेक्टेयर है। यह इटली के शहर रोम में स्थित है। ईसाई समूह के प्रमुख समुदाय "रोमन कैथोलिक "के चर्च का केंद्र  यहीं पर है और पोप यहीं रहते हैं।

यूरो मुद्रा के तीन अनधिकृत प्रयोक्ता भी हैं :
मोंटेनिग्रो, अक्रातिरी व ढाकेसिया और कोसोवो गणराज्य।
 फ्रांस के  पांच विभाग माने जाने वाले स्थान भी यूरो का इस्तेमाल करते हैं। इन स्थानों के अपने ध्वज हैं अतः इन्हें एक देश कहना गलत नहीं होगा :
गुवाडेलुप, फ्रेंच गयाना, मार्टेनिका, मेट्रोपोलिटन फ्रांस और रियूनियों।

युरोपियन संघ का मुख्यालय कहां है ?

युरोपियन संघ का मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स है।

युरोपियन संघ के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं ?


युरोपियन संघ के वर्तमान अध्यक्ष इटली के डेविड सोसोली (63) हैं।





सोमवार, 6 अप्रैल 2020

PPE Kit- PPE kit full form in Hindi



कोरोना वायरस ने इन दिनों दुनिया भर में उत्पात मचा रखा है। कोरोना वायरस से बचने के लिए PPE Kits का उपयोग करने के बारे में काफी चर्चा हो रही है। ये PPE Kits क्या हैं और इनसे वाइरस से मुकाबला करने में कैसे मदद मिलती है यह जानना आज की आवश्यकता है। तो आइए जानते हैं कि क्या होता है पीपीई किट ?

PPE का फुल फार्म होता है-  personal Protection Equipment. पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट अर्थात व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण।

 जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ऐसे उपकरण जिनसे संक्रमण से खुद को बचाने में मदद मिले। कोरोना वायरस चूंकि संक्रामक बीमारी है इसलिए इससे बचने के लिए लोग मास्क पहन रहे हैं, बार-बार हाथ साफ कर रहे हैं, लोगों से दूरी बनाकर बात कर रहे हैं। आम जनता तो मास्क और दास्ताने का इस्तेमाल कर रही है लेकिन कोरोना की चपेट में आए मरीजों का उपचार कर रहे डॉक्टर्स, नर्स और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के लिए ये चीजें नाकाफी हैं। वाइरस संक्रमण से बचने के लिए मेडिकल स्टाफ को बीमारों का इलाज व सर्जरी करते समय कुछ अतिरिक्त सावधानियां रखने के साथ शरीर को ढंकने हेतु विशेष प्रकार की वस्तुओं का इस्तेमाल भी करना पड़ता है। और ये सारी वस्तुएं PPE Kits कहलाती हैं। मास्क भी पीपीई किट का एक भाग है। इसके अलावा जो चीजें PPE Kits में शामिल की जाती है वे इस प्रकार है:

 मास्क, गाउन, एप्रन, ग्लोव्स, फेस प्रोटेक्टर, फेस शील्ड, स्पेशल हेलमेट, रेस्पिरेटर्स, आई प्रोटेक्टर्स, गॉगल्स, हेड कवर, शू कवर,रबर बूट्स।


ऊपर बताई चीजों में से काफी नामों से हम भली-भांति परिचित हैं,जैसे मास्क,ग्लोव्स,गॉगल्स,एप्रन आदि।बस इन्हें PPE KIT कहते हैं,ये कोरोना ने सीखा दिया।

डॉक्टर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए गम्भीर बीमारी के इलाज, ICU में भर्ती मरीजों का इलाज और सर्जरी कार्य करते समय PPE सूट भी इस्तेमाल किये जाते हैं। ये काफी महंगे होते हैं और वैज्ञानिक तरीके से बनाये जाते हैं। PPE Suit  पहनने से डॉक्टर्स केमिकल, फिजिकल और रेडियोलॉजिकल प्रकार के संक्रमण से अपना बचाव करते हैं। PPE Suit में  ऊपर लिखे - मास्क,ग्लोव्स,आंखों के लिए चश्मा, जूते के कवर,हेड कवर, हेलमेट व रेस्पिरेटर्स मतलब सिर से पैर तक शरीर को ढंकने हेतु उच्च गुणवत्ता वाले सभी संसाधन होते हैं।

 साधारण मास्क जो बाजार में 3 लेयर वाला होता है,10रुपये तक में मिल जाता है। इस मास्क से कोरोना से बचाव नहीं होता। इससे बेहतर क्वालिटी के मास्क हैं-N 95 मास्क और N 99 मास्क। ये मास्क 5 लेयर वाले होते हैं और पोलीप्रोपिलीन कपड़े से बने होते हैं। इनकी कीमत लगभग 150 रुपये से लेकर 300 रुपये तक अनुमानित है। N95 मास्क 95% व N99 मास्क 99 % हवा में फैले वाइरस को नाक के द्वारा शरीर के अंदर जाने से रोकते हैं। ऐसे मास्क .3 माइक्रोन साइज तक के बैक्टीरिया व वाइरस को फिल्टर कर सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना वाइरस की साइज .13 माइक्रोन है अर्थात N95 और N99 मास्क कोरोना को रोकने में सहायक हैं।

 PPE Kit का उपयोग किसी बीमारी के संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं है। PPE Kit पहनने के बाद भी डॉक्टर्स तक भी कोरोना से संक्रमित हो गए, ऐसी खबरें हमने पढ़ी-सुनी है।
फिर भी किसी बीमारी के संक्रमण से बचाव में PPE Kit के महत्व को कम नहीं आंका जा सकता है।



गुरुवार, 16 जनवरी 2020

COD & CDS full form in Hindi

आजकल खबरों में COD और CDS दो शब्द बहुत सुनने में आ रहें है।
COD का अर्थ क्या है या COD का फुल फॉर्म क्या है, इस तरह का सवाल सबके मन में उठना स्वाभाविक है। 
COD या CDS का सम्बंध किसी देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़ा है। COD का फुल फॉर्म है - Chief Of Defence। हिंदी में जिसका अर्थ है,रक्षा प्रमुख। CDS का फुल फॉर्म है - Chief of Defence Staff हिंदी में इसे "तीनों सेना के प्रमुख " कहा जा सकता है।

भारत मे रक्षा प्रमुख या चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं के पेशेवर त्रि-सेवा प्रमुख-(थल,जल व वायु) और भारत सरकार के वरिष्ठतम वर्दीधारी सैन्य सलाहकार हैं।

 २४ दिसम्बर २०१९ को सशस्त्र बलों को सुदृढ़ और शक्तिशाली बनाने के लिए भारत की सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस पद के सृजन की घोषणा की तथा जनरल बिपिन रावत को १ जनवरी २०२० को भारत का प्रथम रक्षा प्रमुख बनाया गया।

                                                  First Chief of      Defence Staff - General Vipin Rawat
                                                               
                                             Chief of Defence Staff insignia रक्षा प्रमुख का प्रतीक चिन्ह
पहले चीफ ऑफ डिफेंस -जनरल विपिन रावत
नियुक्ति कर्ता -  भारत के राष्ट्रपति
मनोनयन - केंद्र के कैबिनेट की नियुक्ति समिति
पद का सृजन -  24 दिसंबर 2019

रिपोर्ट - केंद्रीय रक्षा मंत्री
स्थिति - चार सितारा जनरल ऑफिसर Four-star General officer
कार्यकाल -  3 वर्ष या 65 वर्ष । इन दोनों में जो भी पहले हो ।  

जनरल विपिन रावत को 3, कामराज मार्ग, नई दिल्ली पर निवास स्थान आवंटित किया गया है। जनरल विपिन रावत का कार्यकाल दिसंबर 2022 तक रहेगा।
Chief of Defence Staff का प्रतीक चिन्ह देश की तीनों सेनाओं के प्रतीक चिन्ह को सम्मिलित कर बनाया गया है।थल सेना के प्रतीक चिन्ह -तलवार और अशोक चक्र,जल सेना के प्रतीक चिन्ह - एंकर और वायु सेना के प्रतीक चिन्ह - गरुड़ तीनों ही CDS के प्रतीक चिन्ह में दृष्टिगोचर हो रहे हैं।