गुरुवार, 21 जुलाई 2022

Full form of LPG, CNG, LNG & PNG in Hindi



CNG का फुल फार्म- Compressed Natural Gas

LPG का फुल फार्म - Liquified Petroleum Gas

LNG का फुल फार्म - Liquified Natural Gas

PNG का फुल फार्म- Pipelined Natural Gas

CBG का फुल फॉर्म- Compressed Bio Gas

CNG फुल फॉर्म
- CNG गैस को हिंदी में संपीडित गैस कहते हैं। CNG में मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है। मीथेन को जब बहुत अधिक दाब के साथ संग्रहित किया जाता है तो वह CNG कहलाती है।
 CNG का उपयोग रिक्शा चलाने में किया जा रहा है। यह एलपीजी गैस के मुकाबले अधिक सुरक्षित है। क्योंकि CNG हवा से काफी हल्की होती है। यदि वह लीक होती है तो फौरन हवा में मिल जाती है। इसके अलावा CNG दूसरी गैसों की अपेक्षा हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम मात्रा में करती है। इसीलिए CNG को क्लीन गैस भी कहा जाता है।एक अनुमान के अनुसार पेट्रोल वाहनों में CNG इस्तेमाल करने से 56% ईधन खर्च बचता है वहीं डीजल वाहनों में CNG का इस्तेमाल करने से 32 % ईधन खर्च में कमी आती है। भविष्य में CNG का प्रयोग लगातार बढ़ने की आशा है।

LPG फुल फार्म - LPG का फुल फार्म लिक्विफाईड पेट्रोलियम गैस है। पेट्रोल का उत्पादन करते समय LPG एक बाय- प्रोडक्ट के रूप में प्राप्त होती है। यह हवा से भारी होती है व इसके संपर्क में आते ही तुरंत आग पकड़ती है, इसलिए हम अक्सर LPG गैस सिलेंडर में विस्फोट और आग लगने की खबरें सुनते हैं।
वास्तव में एलपीजी हाइड्रोकार्बन गैसों प्रोपेन, ब्यूटेन और आईसोब्यूटेन गैस के ग्रुप का एक सामान्य नाम है। इसे हम सब रसोई गैस के नाम से जानते हैं। LPG मुख्यतः घरों में भोजन बनाने व वाहन चलाने में काम आती है। रेफ्रिजरेटर में उपयोग होने वाली क्लोरोफ्लोरो कार्बन नाम की गैस के स्थान पर भी आजकल एलपीजी का प्रयोग होने लगा है। क्लोरोफ्लोरो कार्बन गैस से पृथ्वी का कवच मानी जाने वाली ओजोन पर्त को नुकसान पहुंचता है जिसके कारण सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणें पृथ्वी पर ज्यादा मात्रा में आ जाती हैं। एलपीजी गैस से ओजोन पर्त को कोई हानि नहीं होती है।
वर्ष 2016 में देश में रसोई गैस (LPG) की पहुंच 62% लोगों तक थी जो 2019 तक 90% तक पहुंच गई है। यह संख्या 2014 में 55% थी। यहां यह भी बताना जरूरी है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है। आगे सन् 2025 तक LPG की मांग 34% बढ़ने का अनुमान है। 

LNG फुल फार्म- LNG का फुल फार्म लिक्विफाईड नेचुरल गैस है। हिंदी में इसे द्रवीकृत प्राकृतिक गैस कहते हैं। LNG एक प्रकार से मीथेन गैस ही है जिसे लगभग -260 डिग्री फेरनहाइट तक ठंडा किया जाता है जिससे इसका घनत्व सिकुड़ कर काफी कम हो जाता है ताकि इसको स्टोर करने व ट्रांसपोर्टेशन में आसानी हो।

PNG फुल फार्म - PNG का फुल फार्म Pipelined Natural Gas पाइपलाईंड नेचुरल गैस है। यह CNG गैस ही है। बस दोनों में इतना अंतर है कि पाइपलाईंड नेचुरल गैस की सप्लाय घरों में ईंधन के रूप में पाइप द्वारा की जाती है।

CBG फुल फॉर्म - Compressed Bio Gas कम्प्रेस्ड बॉयोगैस 
यह एक नए तरह का ईंधन है, जो कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और सीएनजी जैसे फ्यूल पर निर्भरता को कम कर सकता है। इससे कॉर्बन का भी उत्सर्जन नहीं होगा।
CBG मुख्य रूप से जैविक अपशिष्ट जैसे गोबर, खाद्य अपशिष्ट, कृषि अवशेष और विशेषकर नगर पालिका के कचरा-वाहन का कचरा आदि से बनाई जाने वाली गैस है।
इसका उपयोग भोजन बनाने, बिजली उत्पादन, वाहनों के ईंधन के रूप में किया जा रहा है।

रासायनिक दृष्टि से, सीबीजी और सीएनजी दोनों एक ही हैं - दोनों ही संपीड़ित मीथेन हैं और इनका कैलोरी मान भी समान है।
अंतर यह है कि सीएनजी पेट्रोलियम का उप-उत्पाद है, जबकि सीबीजी किसी भी बायोमास से उत्पादित किया जा सकता है।
सीएनजी की तरह, सीबीजी को भी सिलेंडर या पाइपलाइन के माध्यम से आम उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा सकता है।

 


शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

Full form of PIN code in Hindi


हम लोग भारत में जो भी डाक पोस्ट ऑफिस के माध्यम से प्राप्त करते हैं या कोई पत्र,पार्सल और रजिस्ट्री आदि डाक द्वारा अन्य स्थान पर भेजते हैं, तो डाक पर पते के साथ शहर का नाम और 6 अंकों वाला एक नम्बर जरूर लिखते हैं। इस 6 अंकों वाले नम्बर को ही PIN Code (पिन कोड) कहा जाता है। PIN Code पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन) का संक्षिप्त नाम है।
PIN Code छः अंकों की नम्बर प्रणाली है जो भारतीय डाक विभाग द्वारा प्रयोग की जाती है।

भारत के डाक विभाग में पिन कोड प्रणाली की शुरुआत कब की गई ?


भारत में डाक वितरण करने वाले अनेक डाक घर हैं। डाक घरों को बहुत ज्यादा संख्या में प्रतिदिन डाक प्राप्त होती है। डाक की छंटाई में आसानी हो इसके लिए 15 अगस्त 1972 को पिन कोड की शुरुआत की गई।

 देश के प्रत्येक डाक घर को एक विशिष्ठ नम्बर या कोड आवंटित किया गया है। पिन कोड प्रणाली लागू करने हेतु सम्पूर्ण भारत को 8 भौगोलिक क्षेत्र में बांटा गया है। नवां क्षेत्र आर्मी पोस्टल क्षेत्र है।
पिन कोड के छः अंकों में से पहला अंक किसी विशेष राज्य या क्षेत्र को दर्शाता है। दूसरा अंक उपक्षेत्र या पोस्टल सर्कल को बताता है। तीसरा अंक राज्य के जिले को इंगित करता है। अंतिम तीन अंक उस विशेष पोस्ट ऑफिस को दर्शाता है जहां पत्र का वितरण होना है। नीचे विभिन्न राज्यों के PIN CODE इंगित करता हुआ भारत का नक्शा दिया गया है।


यहां एक तालिका दी गई है जिसमें 1 से 8 तक नम्बर से सम्बंधित क्षेत्र और राज्य दर्शाये गए हैं।
1. उत्तरी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश।
2 .उत्तरी उत्तर प्रदेश,और उत्तराखंड।
3. पश्चिमी राजस्थान और गुजरात।
4. पश्चिमी छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मप्र।
5. दक्षिणी आंध्र प्रदेश और कर्नाटक।
6. दक्षिणी केरल एवं तमिलनाडु।
7. पूर्वी प. बंगाल और ओडिशा।
8. पूर्वी बिहार और झारखण्ड।
9. आर्मी पोस्टल सेवा।

राज्यों के पिन कोड 

अब हम पिन कोड के शुरू के दो नंबरों के बारे में जानते हैं। 11 नंबर दिल्ली का है, 12-13 हरियाणा, 14-16 पंजाब, 17 हिमाचल प्रदेश, 18 और 19 जम्मू और काश्मीर, 20-28 उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के लिए, 30-34 राजस्थान, 36-39 गुजरात, 40-44 महाराष्ट्र, 45-49 मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़, 50-53 आंध्र प्रदेश, 56-59 कर्नाटक, 60-64 तमिलनाड़ु, 67-69 केरल, 70-74 बंगाल, 75-77 ओडिशा, 78 असम, 79 नॉर्थ ईस्टर्न इलाके, 80-85 बिहार और झारखंड, 90-99 आर्मी पोस्टल सर्विसेज।

पिन कोड के अगले 3 डिजिट उस क्षेत्र की जानकारी देते हैं जहां आपका सामान पहुंचना है। इसका मतलब है उस ऑफिस में जहां आपका सामान जाएगा। एक बार आपका सामान सही पोस्ट ऑफिस तक पहुंच गया तो वहां से यह आपके घर तक पहुंचाया जाता है।

आज के जमाने में सभी लोग ई मेल से पत्र व्यवहार करते हैं इसलिए चिट्ठी का महत्व कम हो गया है और उसके साथ ही पिन कोड का भी। पर फिर भी पिन कोड तो सदा ही अस्तित्व में रहेगा।



रविवार, 14 नवंबर 2021

Full form of CBI in hindi with description

CBI का फुल फॉर्म है- Central Beuearu of Investigation। हिंदी में इसे "केंद्रीय जाँच ब्यूरो" कहा जाता है।
                               CBI का लोगो

सीबीआई एक पुलिस संस्था है जिसका काम किसी ऐसे जटिल केस को सुलझाना है जो पुलिस द्वारा नहीं सुलझाया जा सकता हो।
CBI की स्थापना सन् 1941 में भारतीय पुलिस की सहायता के लिए की गयी थी। इसका मुख्य कार्यालय दिल्ली है।
CBI को किसी भी जटिल केस की जांच हेतु सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आवश्यकता होती है। एक बार सीबीआई के पास किसी मामले की जांच का आदेश प्राप्त हो जाता है तो फिर इसे पुरे देश में छानबीन के लिए जाने की छूट मिल जाती है और एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए इसे किसी तरह की कोई अनुमति नहीं लेना पड़ती है।
CBI में कर्मचारियों की भर्ती SSC CGL (Staaf Selection Commission) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से की जाती है।
सीबीआई का काम यूनाइटेड स्टेटस की संस्था FBI  (Federal Bureau of Investigation) की ही तरह है लेकिन FBI को ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं, CBI के मुकाबले।

CBI के निदेशक का कार्यकाल कितने समय के लिए होता है ?

CBI के निदेशक का कार्यकाल दो साल के लिए निर्धारित किया गया था लेकिन 14 नवम्बर 2021 को जारी एक संसदीय अध्यादेश के अनुसार अब CBI के निदेशक का कार्यकाल पांच साल का होगा।


CBI किस प्रकार से केस की जांच करती है ?

सीबीआई का केस की तहकीकात का तरीका पुलिस की जांच करने के तरीके से बहुत अलग होता है। CBI पूछताछ के दौरान आरोपी से किसी तरह की मारपीट नहीं करती।बल्कि इसकी जांच का फोकस बयान और सवाल पर होता है। आरोपी के साथ 2 अधिकारी मौजूद रहते हैं। अगर आरोपी महिला है और उससे पूछताछ हो रही है, तो वहां पर महिला अधिकारी के साथ जांच अधिकारी मौजूद रहता है। एक अधिकारी सवाल पूछता है और दूसरा अधिकारी उसके बयान को लिखता है। बयान लिखने के बाद आरोपी को दिखाया जाता है और फिर उसके हस्ताक्षर लिए जाते हैं।

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

Full form of CTS in hindi


 

  CTS - Cheque Truncation System


वास्तव में CTS, बैंक के चेक क्लीयरिंग प्रणाली का एक नया बेहतर और अधिक सुरक्षित तरीका है। CTS का
 फुल फॉर्म है - Cheque Truncation System.
जब CTS सिस्टम नहीं शुरू हुआ था, तब चेकों की क्लियरिंग के लिए क्लियरिंग हाउस हुआ करते थे। पुरे भारत में अनेकों स्थान पर  ऐसे क्लियरिंग हाउस थे,जहां स्थानीय बैंक के प्रतिनिधि  एकत्रित हो कर चेकों का आदान- प्रदान  करके  चेक क्लियरिंग किया करते थे।
इस प्रक्रिया में चेक की राशि एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर होने में काफी समय लग जाता था। अब CTS के माध्यम से चेक क्लियर होने में समय की बचत और फ्रॉड होने की संभावना में काफी हद तक कमी आ गई है। CTS में चेक एक बैंक से दूसरे बैंक में फिजिकली रूप से न भेजकर केवल चेक की इमेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एक बैंक से दूसरे बैंक को भेजी जाती है और फिजिकल चेक संग्रहकर्ता बैंक के पास सुरक्षित रखे रहते हैं। CTS द्वारा चेकों का क्लीयरिंग करने वाली प्रत्येक बैंक के पास एक CTS मशीन होती है। क्लीयरिंग के लिए प्राप्त चेकों को उस मशीन में डाला जाता है। मशीन चेक पर प्रिंट किया MICR CODE पढ़ती है। MICR CODE के आधार पर मशीन चेक  की इमेज को बैंक से संबद्ध जोन में प्रेषित करती है जहां उसे प्रोसेस कर भुगतान हेतु पास किया जाता है। 
तो इस तरह नई तकनीक के द्वारा चेक का भुगतान बैंक के ग्राहकों को तुरंत मिल जाता है।

गुरुवार, 12 नवंबर 2020

DIY full form in Hindi


DIY का फुल फॉर्म है - Do It Yourself.


DIY यह शब्द आपने कई बार इंटरनेट पर किसी समस्या का हल खोजने के लिए सर्च करने के दौरान पढ़ा होगा। आजकल DIY का प्रयोग इंटरनेट पर छोटे- छोटे घरेलू उपयोग सम्बन्धी टिप्स देने वाली साइट्स और यूट्यूब वीडियो में बहुतायत से हो रहा है। DIY टिप्स में ऐसी जानकारी दी जाती है जिसमें बिना किसी विशेषज्ञ की मदद के आसानी से उपलब्ध  
वस्तु से कोई भी व्यक्ति स्वयं ही वह प्रयोग करने में सक्षम होता है। इसीलिए इसे DIY अर्थात Do It Yourself "स्वयं करके देखिये" कहते हैं।

DIY शब्द कब चलन में आया ?

DIY शब्द सन् 1912 से प्रचलन में आना शुरू हुआ था और सन् 1950 तक लोग यह शब्द तेजी से उपयोग करने लगे। 
सन् 1970 में DIY का चलन पुस्तकों और TV में किया जाने लगा। सन् 1990 के आते-आते इंटरनेट तेज गति से पूरी दुनिया में फैल गया।इसके साथ ही DIY भी यू ट्यूब और वीडियो में यूज होने लगा। तब से DIY शब्द बराबर उपयोग किया जा रहा है।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

full form of MAT & GMAT in hindi


MAT - Management Aptitude Test


मैट का फुल फॉर्म है- मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट।
मैट परीक्षा का आयोजन आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। मैनेजमेंट क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय प्रवेश परीक्षाओं में से एक प्रवेश परीक्षा है- MAT । मैट प्रवेश परीक्षा में प्राप्त स्कोर के अनुसार परीक्षार्थियों को देश के 308 मैनेजमेंट संस्थाओं में प्रवेश दिया जाता है।

MAT परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है ?

मैट परीक्षा  की अवधि 150 मिनट की होती है। इसमें बहुविकल्पीय ( मल्टीप्ल चॉइस ) प्रकार के 200 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।  यदि गलत उत्तर दिये गये तो प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काट लिया जाता है

GMAT - Graduate Management Admission Test

GMAT द्वारा दुनिया के  सबसे बढ़िया मैनेजमेंट स्कूल में एडमिशन दिया जाता है। GMAT को संचालित करने वाली संस्था Graduate Management Admission Council GMAC जिमेक है।
भारत से हर साल करीब तीन लाख विद्यार्थी यह परीक्षा देते हैं। इसका स्कोर 5 साल तक वेलीड रहता है। छात्र की एनालिटिकल,राइटिंग,क्वांटिटेटिव,वर्बल और रीडिंग योग्यता परखने वाली इस परीक्षा का ऑनलाइन वर्जन इसी वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया है।
दुनिया के टॉप मैनेजमेंट स्कूल्स में प्रवेश के लिए GMAT के 800 अंकों में से ज्यादा से ज्यादा अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को दाखिला मिलता है। पिछले सालों के ट्रेंड देखने से पता चलता है कि YEL University, Harvard और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिए यह स्कोर लगभग 725 रहता है।